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विधानसभा स्पीकर ने सभी 6 बागी मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार किए, कांग्रेस ने अपने विधायकों को व्हिप जारी किया

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भोपाल. मध्य प्रदेश में सत्ता के लिए संघर्ष के बीचविधानसभा के अध्यक्ष एन पी प्रजापति ने सभी 6 बागी मंत्रियों के इस्तीफे मंजूर कर लिए हैं। इन मंत्रियों को शुक्रवार को ही कैबिनेट से बर्खास्त किया जा चुका है। विधानसभा अध्यक्ष ने आज शाम ही कहा था कि कुछ विधायकों के मामले गंभीर हैं, उन पर जल्द फैसला लूंगा। मंत्रियों का इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही मध्यप्रदेश विधानसभा में सदस्यों की संख्या घटकर 222 हो गई है। जिन मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार किए गए, उनके नाम हैं..इमरती देवी, तुलसी सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, महेंद्र सिंह सिसोदिया, गोविंद सिंह राजपूत और प्रभुराम चौधरी।दूसरी तरफ, कांग्रेस ने 16 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के लिएअपने विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है।

दोपहर में विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति ने कुछबागी विधायकों पर कार्रवाई के संकेत दिए थे। स्पीकर ने इन विधायकोंको दोबारा नोटिस देकर 15 मार्च तक पेश होने कोकहा है। स्पीकर ने कहा कि वे नियम प्रकियाओं से बंधे हुए हैं। वे इस्तीफा देने वाले विधायकों से मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को छुट्टी के बाद भी वे अधिकारियों के साथ विधानसभा में मौजूद थे और रविवार को भी विधायकों का इंतजारकरेंगे। उन्होंने 2-3 विधायकों पर कार्रवाईके संकेत भी दिए। इशारों-इशारों में उन्होंने कहा- कुछ विधायकों के मामले गंभीर हैं। इन्हें रखूं या निकालूं, इस पर अलग तरीके से निर्णय लूंगा। हालांकि, स्पीकर नेविधायकों के नाम नहीं बताए।

इससे पहले प्रजापतिने सभी 22 विधायकों कोतीनअलग-अलग तारीखों में बुलाया था। अब ये विधायक 15 मार्च को शाम 5 बजे तक पेश हो सकते हैं।चर्चा इस बात को लेकर भी है कि अगर सभी विधायक स्पीकर के सामने उपस्थित नहीं हुए तो सरकार फ्लोर टेस्ट टाल सकती है।सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है। नियम के मुताबिकसभी विधायकों को स्पीकर के सामने उपस्थित होना जरूरी है।

कांग्रेस के विधायक रविवार कोभोपाल आएंगे

मध्य प्रदेशकांग्रेस ने रविवार कोविधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसमें सरकार बचाने की रणनीति पर चर्चा होगी। जयपुर में ठहराए गएकांग्रेस विधायक रविवार सुबह भोपाल लौटेंगे।

रविवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें सभी विधायकों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। जयपुर में ठहरेसभी विधायक रविवार सुबह भोपाल पहुंचेंगे। इस बैठक में सरकार बचाने की रणनीति पर चर्चा होगी।शनिवार को पार्टी महासचिव हरीश रावत ने जयपुर के रिजॉर्ट में ठहरे कांग्रेस विधायकों से चर्चाकी।

भाजपा ने राज्यपाल से मुलाकात कर फ्लोर टेस्ट की मांग की

उधर, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह और रामपाल सिंह नेशनिवार शाम को राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की। राजभवन से बाहर आने के बाद शिवराज ने कहा- हमने राज्यपाल को बताया कि कमलनाथ सरकार बहुमत खो चुकी है। उनके पास सरकार चलाने का संवैधानिक अधिकार नहीं है, इसलिए 16 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण और बजट सत्र का कोई मतलब नहीं है। हमने राज्यपाल से अनुच्छेद 175 के तहत सरकार को विश्वासमत प्राप्त करने का निर्देश देने की मांग की।मुख्यमंत्री कमलनाथ भी शुक्रवार को राज्यपाल से मिले थे। इसके बाद उन्होंनेकहा था- फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हूं, लेकिन पहले विधायकों को मुक्त कराएं।

बेंगलुरु गए विधायक दबाव में, वे इस्तीफा नहीं देंगे: कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने शनिवार कोदावा किया कि बेंगलुरु ले जाए गए विधायक दबाव में हैं। भोपाल आने के बाद उनमें से कई विधायक इस्तीफा नहीं देंगे। सिंधिया के करीबी रामनिवास रावत ने कहा, ”मैं कांग्रेसी था और कांग्रेसी रहूंगा। विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बनाया गया है। जब वे भोपाल पहुंचेंगे, तोइस्तीफा नहीं देंगे।” रावत ने कहा- हमने सिंधियाजी को नहीं छोड़ा है, सिंधियाजी हमें छोड़कर गए हैं। भाजपा ने भोपाल में उनके स्वागत में उन्हें विभीषण की उपाधि दे दी। अब ये सही संदर्भ में है या गलत, लेकिन हमारे देश में कोई माता-पिता अपने बच्चों का नाम विभीषण नहीं रखते।

सिंधिया के समर्थन में 22 विधायकों का इस्तीफा

बेंगलुरुके रिजॉर्ट में ठहराए गए कांग्रेस के 19 विधायक और बाद में 3 और विधायक अपना इस्तीफा स्पीकर को भेज चुके हैं। विधानसभा स्पीकर द्वारा नोटिस जारी करने के बाद उनमें से 6 विधायकों को शुक्रवार कोभोपाल आना था, लेकिन दिनभर के इंतजार के बाद आखिरी मौके पर उनका आना कैंसिल हो गया। वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा बेंगलुरुमें विधायकों से मिलने पहुंचे। विधायक पहले से नड्डा के संपर्क में हैं।12 मार्च को कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी भीविधायकों से मिलने बेंगलुरु पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।शुक्रवार को संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष से 19 विधायकों के इस्तीफों की विस्तृत जांच की मांग की। उन्होंने कहाकि इन विधायकों को स्पीकर केसमक्ष बुलाया जाए और यह जांच-पड़ताल की जाए कि उन्होंने इस्तीफाकिन हालातमें दिया। अगर यह स्वेच्छा से नहीं दिया गया, तो इन्हें निरस्त किया जाए। सिंह ने यह भी कहा कि सभी विधायकों के इस्तीफे कूटरचितहैं।

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कांग्रेस विधायकों के लिए व्हिप जारी करते हुए संसदीय कार्य मंत्री गोविंद सिंह।


बागी मंत्रियों के इस्तीफे स्वीकार करने की घोषणा करते हुए स्पीकर एनपी प्रजापति।


मध्यप्रदेश के भाजपा नेताओं ने शनिवार को राज्यपाल से मुलाकात की।


जयपुर के रिजॉर्ट में हरीश रावत के साथ कांग्रेस विधायक।


कांग्रेस ने अपने विधायकों को जयपुर के रिजॉर्ट में ठहराया है।


रामनिवास रावत ने दावा किया- बेंगलुरु में फंसे विधायक दवाब में हैं, वे कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे।


कांग्रेस विधायकों को रिजॉर्ट से बाहर जाने की अनुमति नहीं है।