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लोगों में जूम और पबजी के चीनी ऐप होने पर कन्फ्यूजन, एक्सपर्ट से समझिए कि क्या वाकई इनसे भी खतरा है?

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सोमवार को केंद्र की मोदी सरकार ने टिकटॉक, यूसी ब्राउजर समेत 59 चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया। मंगलवार को इन एप्स को गूगल प्ले और ऐप स्टोर से भी हटा लिया गया है।

चीनी ऐप्स के बैन की खबर आते ही दो पॉपुलर ऐप्स – जूम और पबजी को लेकर यूजर्स में बड़ा कन्फ्यूजन रहा। बहुत से यूजर्स को लगता है कि ये दोनों ऐप्स भी चीन के हैं और उन्हें डर है कि ये भी बैन न हो जाएं।

पबजी दुनिया के सबसे पॉपुलर गेम्स में से एक है। वहीं जूम ऐप स्टूडेंट्स से लेकर कॉर्पोरेट के काम आने वाला ऐप है। लॉकडाउन के दौरान बड़े पैमाने पर जूम का इस्तेमाल ऑनलाइन क्लासेस और मीटिंग में किया गया।

जूम और पबजी को लेकर सोशल मीडिया पर अब भी इनके चीनी होने या न होने को लेकर बहस छिड़ी हुई है। एक पक्ष का कहना है कि ये दोनों ऐप चीनी नहीं हैं। वहीं दूसरे पक्ष का दावा है कि दोनों ऐप चीनी हैं और सरकार का रुख ऐप बैन को लेकर सिलेक्टिव है।

इन दो ऐप्स को लेकर फैले कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए दैनिक भास्कर की फैक्ट चेक टीम ने पड़ताल की।

सोशल मीडिया पर जूम और पबजी को लेकर किए जा रहे दावे

पबजी : दुनिया का सबसे पॉपुलर गेम, इसमें 10% शेयर चीनी कंपनी टेंसेंट के

  • यह गेम पबजी कॉर्पोरेशन ने डेवलप किया। पबजी कॉर्पोरेशन दक्षिण कोरियाई गेमिंग कंपनी ब्लू होल की एक सब्सिडियरी है। पबजी को चीनी बाजार तक पहुंचाने के लिए ब्लू होल ने चीनी कंपनी टेंसेंट से हाथ मिलाया। टेंसेंट के ब्लू होल में 10% शेयर हैं। टेंसेंट ने ही 2017 में पबजी का मोबाइल वर्जन डेवलप किया था। लॉन्च होते ही पबजी के मोबाइल वर्जन नेे चीनी बाजार में धूम मचा दी। हालांकि पबजी को चीनी सरकार की अनुमति न मिलने के कारण वहां से अपना बोरिया बिस्तर समेटना पड़ा।
  • ब्लू होल ने 2018 में पबजी की ग्लोबल लॉन्चिंग कर दी। दुनिया के अन्य देशों में भी पबजी का वही क्रेज दिखा, जो चीनी बाजार में दिखा था।
  • मई 2020 में आई मोबाइल मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी सेंसर टॉवर की रिपोर्ट के मुताबिक पबजी दुनिया का सबसे ज्यादा रेवेन्यू जुटाने वाला वाला गेम बना। 1 मई से 31 मई के बीच पबजी ने दुनिया भर से 226 मिलियन डॉलर यानी 1.7 हजार करोड़ रुपए का रेवेन्यू इकट्‌ठा किया।

जूम:दुनिया का सबसे पॉपुलर ऐप, जिसे चीनी नागरिक ने अमेरिका में बनाया

  • जूम वीडियो कम्युनिकेशन एक अमरीकी कंपनी है। इसकी स्थापना चीनी मूल के अमरीकी बिजनेसमेन एरिक युआनने 2011 में की थी।
  • 23 साल पहले जब दुनिया में इंटरनेट तीव्र गति से पहुंच रहा था। चीन के एरिक युआन ने अमेरिका आने का फैसला किया। वे जानते थे कि अपने बिजनेस आइडिया को अमेरिका में बेहतर ढंग से अमली जामा पहना सकेंगे। दो साल में आठ बार वीजाकी एप्लीकेशन रद्द होने के बाद आखिरकार 1997 में युआन को वीजा मिल गया और वे सिलिकॉन वैली पहुंचे।
  • शुरुआत में जूम ऐप अमरीका की वॉल स्ट्रीट के दायरे में ही लोकप्रिय था। धीरे-धीरे इसने दुनिया में पैर पसारने शुरू किए।
  • कोरोना ने जब दुनिया को घरों में कैद किया। तब जूम के बिजनेस में बड़ा उछाल हुआ। सेंसर टॉवर की रिपोर्ट के मुताबिक, 2020 में 25 मार्च से 10 अप्रैल के बीच जूम दुनिया का सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बना। भारत में इस ऐप ने लॉकडाउन के दौरान सबसे लोकप्रिय ऐप टिकटॉक को भी पीछे छोड़ दिया था।

पबजी और जूम को लेकर लोगों के सवाल और टेक एक्सपर्ट बालेन्दु शर्मा दाधीच के जवाब

Q1: जूम एक अमरीकी ऐप है। फिर भी इसके चीनी होने को लेकर लोगों में शक क्यों है?

एक्सपर्ट: जूम भले ही अमरीकी ऐप हो। लेकिन, उसके सर्वे सर्वा एक चीनी व्यक्ति हैं। वे खुद स्वीकार चुके हैं कि हमारे सर्वर चीन में हैं। डेटा चीन के रास्ते दुनिया में जाता है। ऐसे में लोगों की चिंता को पूरी तरह निराधार भी नहीं कहा जा सकता।

Q2: जूम ऐप डेटा प्राइवेसी के लिहाज से असुरक्षित है ?

एक्सपर्ट: जूम में ऐसे कई लूपहोल्स हैं, जो हैकर्स के काम को आसान बनाते हैं। काफी हद तक ये संभव है कि आपकी वीडियो कॉन्फ्रेंस या मीटिंग को कई तीसरा व्यक्ति भी सुन रहा हो। ऐसे में अगर मीटिंग में देश की सुरक्षा या गोपनीय जानकारी से जुड़ी बात हो रही हो, तो ये निश्चित ही खतरनाक है। सरकार इसके असुरक्षित होने को लेकर गाइडलाइन भी जारी कर चुकी है।

Q3: पबजी में 10% शेयर चीनी कंपनी टेंसेंट के हैं, क्या यह खतरनाक है?

एक्सपर्ट: 10% शेयर वाले पार्टनर का कंपनी में इतना दबदबा नहीं रहता कि वो बड़े फैसले लेने के लिए मजबूर कर सके। खासकर अनैतिक फैसलों के लिए तो बिल्कुल नहीं।

Q4: पबजी दक्षिण कोरिया की कंपनी का ऐप है, इसे सुरक्षा के लिहाज से आप कैसे देखते हैं?

एक्सपर्ट: दक्षिण कोरिया भारत का मित्र देश है। हम उम्मीद कर सकते हैं कि वहां का ऐप हमारे लिए सुरक्षित है।

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