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ओडिशा के चांदीपुर में तेज बारिश, तूफान दोपहर बाद सुंदरबन के पास टकराएगा; नेवी के दो जहाजों पर एयरक्राफ्ट तैयार

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चक्रवातअम्फान अत्यंत तेज तूफान में बदल गया है।ओडिशा के चांदीपुर में तेज बारिश हो रही है और पारादीप में हवा की रफ्तार 102 किमी प्रति घंटा है।मौसम विभाग के मुताबिक, यहदोपहर बादसुंदरबन के पास(पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच) 155 से 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथतट से टकराएगा।अभी यह पश्चिम बंगाल के दिघा से 125 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में है।टकराने के दौरान तटीय क्षेत्रों में 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।कोलकाता एयरपोर्ट को ऐहतियातन गुरुवार सुबह पांच बजे तक बंद कर दिया गया है।

अपडेट्स

  • नेवी ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 20 जैमिनी बोट के साथ रेस्क्यू और मेडिकल टीम को तैयार रखा है।

  • विशाखापट्टनम में आईएनएस देगा और अरकोणम में आईएनएस रजाली में नेवल एयरक्राफ्ट को किसी भी परिस्थिति में तैयार रहने को कहा है।
  • बुधवार सुबह तक ओडिशा के 11जिलों से 1.37 लाख सुरक्षित इलाकों में पहुंचाए गए। 1,704 राहत शिविर बनाए गए हैं।
  • पूर्वी नेवल कमांड ने कहा है कि हम साइक्लोन के दौरान जरूरी मानवीय मदद देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।राहत कार्यों के लिए नौसेनाके जहाज स्टैंडबाय पर हैं। यह प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को निकालने, सामान पहुंचाने और जरूरी मेडिकल सहायता देने केकाम करेंगे।
  • ओडिशा और बंगाल में कई जगहों पर आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई है।मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के साथ ही सिक्किम और मेघालय के लिए भी अलर्ट जारी किया है।

ओडिशा के भद्रक में तेज हवाएं चलने से पेड़ उखरकर सड़कों पर गिर गए। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने उखड़े पेड़ों काे हटाकर यातायात बहाल कराया।

बढ़ रही हवा की रफ्तार

पश्चिम बंगाल के दिघा में मंगलवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। वहीं, कोलकाता में भी तेज बारिश और हवाएं चलीं। बुधवार को पारादीप में हवा की रफ्तार 102 किमीप्रति घंटा, चांदबाली में 74 किमीप्रति घंटा, भुवनेश्वर में 37 किमीप्रति घंटा, बालासोर में 61 किमी. प्रति घंटा और पुरी में 61 किमीप्रति घंटा तक पहुंच गई।

ओडिशा में कई जगहों पर आंधी के साथ तेज बारिश हो रही है। यह तस्वीर बालासोर की है, जहां बुधवार सुबह हवा की रफ्तार 31 किमी प्रति घंटा पहुंच गई।

तूफान पर ममता बनर्जी की नजर
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को बताया था कि वेकंट्रोल रूम से तूफान पर नजर रखेंगी। अब तक 3 लाख लोगों को तटीय इलाके से निकाल कर शरणार्थी शिविरों में पहुंचाया गया है। बंगाल सरकार ने गुरुवार तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें रोकने की मांग की थी।यहां लोगों को एसएमएस के जरिएअलर्ट भेजा जा रहाहै। इलाकेखाली करने के लिए टॉवर सायरन भी बजाए जा रहे हैं। तूफान के हालात परगृह मंत्री अमित शाह ने ममताऔर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की। उन्होंने दोनों राज्यों को केंद्र की ओर से पूरी मदद देने का भरोसा दिलाया।

पश्चिम बंगाल के दिघा में समुद्र की लहरें तेज हो गई हैं। लोगों से समुद्र तट से दूर रहने के लिए कहा गया है।

ओडिशा के 6 और बंगाल के 7 जिलों पर असर

मौसम विभागके मुताबिक, तूफान सेओडिशा के 6 जिले केंद्रापाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर और जगतसिंहपुर सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के तीन तटीय जिले पूर्वी मिदनापोर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना के साथ ही हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर इसका असर नजर आएगा।

24 टीमें स्टैंडबाय पर

एनडीआरएफ के डीजी एसके प्रधान ने बताया कि आपदा प्रबंधन की19 टीमें बंगाल और 15 टीमें ओडिशा में तैनात हैं। 6 टीमों को एयरलिफ्ट के लिए स्टैंडबाय किया है। कुल 24 टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है।सेना, वायुसेना, नौसेना और कोस्ट गार्ड की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

लोगों को घर में रहने की हिदायत

मौसम विभाग का कहना है कि यह कई प्रकार का नुकसान पहुंचाने वाली प्राकृतिक आपदा है। इसमें तेज हवा, भारी बारिश और बिजली कड़कने की आशंका है। ऐसे में लोग घर से बाहर न निकलें। समुद्री किनारों से दूर रहें। बोटिंग, फिशिंग और शिपिंग न करें। कच्चे घर, बिजली के खंभों, पावर लाइन और रेलवे सुविधाओं को नुकसान होने की आशंका है। रोड और रेल नेटवर्क को बंद किया जाए या डायवर्ट किया जाए।

एसएमएस से हर जिले में अलर्ट किया जा रहा

एनडीआरएफ का कहना है कि प्रभावित होने वाले जिलों में लोगों को एसएमएस से अलर्ट किया जा रहा है। मोबाइल कंपनियों को पर्याप्त मात्रा में डीजी सेट, जेनरेटर, पार्ट्स और पावर इक्विपमेंट तैयार रखने के लिए कहा गया है। चक्रवात से किसी मोबाइल कंपनी के टॉवर या केबल को नुकसान पहुंचा तो उपभोक्ता को दूसरी कंपनी के टॉवर से सुविधा दी जाएगी।

कई जिलों में कंट्रोल रूम
स्थिति की समीक्षा करने के लिए पश्चिम बंगाल के कई जिलों में 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। कोलकाता के अरण्य भवन में एक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। कोलकाता पुलिस हर घंटे हालात पर नजर रखे हुए है। आंध्र प्रदेशके विशाखापट्टनम स्थितडॉप्लरवेदर रडार की मदद से भी साइक्लोन पर नजर रखी जा रही है।

21 साल बादसुपर साइक्लोन

देश में 21 साल के बाद कोई सुपर साइक्लोन आया है। 1999 में एकचक्रवात ओडिशा के तट से टकराया था। उसे साइक्लोन ओ5 बी या पारादीप साइक्लोन का नाम दिया गया था। इसे उत्तरी हिंद महासागर में आयाअब तक का सबसे ताकतवर चक्रवात माना जाता है।

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